Iran war live: Tehran rejects Trump’s ultimatum; fire at Kuwait oil complex | Hindustantak.co.in


以下是हिन्दुस्तान तक (Hindustantak) के लिए तैयार किया गया एक विस्तृत हिंदी समाचार लेख है। यह लेख ईरान युद्ध, ट्रंप के अल्टीमेटम को ईरान द्वारा अस्वीकार करने और कुवैत में तेल परिसर में आग लगने की घटना पर आधारित है।

शीर्षक: ईरान ने थूका ट्रंप के अल्टीमेटम पर फिर से पानी, बोला- ‘नर्वस और हेल्पलेस’ होकर दे रहे धमकी; कुवैत में तेल परिसर में लगी आग

तेहरान/कुवैत सिटी: मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद ईरान ने करारा जवाब दिया है। ईरानी सैन्य कमान ने ट्रंप के इस अल्टीमेटम को ‘नर्वस, हेल्पलेस और असंतुलित’ कार्रवाई बताते हुए साफ कर दिया कि वह किसी भी कीमत पर झुकेगा नहीं। दूसरी तरफ, युद्ध अब सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रह गया है। कुवैत में एक प्रमुख तेल परिसर में ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई, जिससे क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंका और गहरा गई है।


‘नर्क के द्वार खोल देंगे’: ईरान ने ट्रंप की धमकी को ठुकराया


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान से 48 घंटे के भीतर समझौता करने या हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की चेतावनी दी थी। ट्रंप ने साफ किया था कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो ‘उन पर नर्क बरपा दिया जाएगा’।

इस धमकी पर ईरान की सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के सशस्त्र बलों की सेंट्रल कमांड (Khatam al-Anbiya Central Headquarters) के जनरल अली अब्दोल्लाही अलीअबादी ने ट्रंप के बयान को ‘एक असहाय, घबराई हुई, असंतुलित और बेवकूफी भरी कार्रवाई’ करार दिया। अलीअबादी ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर अमेरिका और इज़राइल ने हमारे बुनियादी ढांचे पर हमला किया, तो हम अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों पर लगातार और विनाशकारी हमले करेंगे। हमारे संदेश का सीधा मतलब है कि हम आपके लिए नर्क के द्वार खोल देंगे।”


युद्ध का 37वां दिन: बुशहर परमाणु संयंत्र के पास धमाके

अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, जिसे ईरान ने आतंकवादी युद्ध करार दिया है। यह संघर्ष अब अपने 37वें दिन में प्रवेश कर चुका है।

हाल ही में हुए हमलों में सबसे चिंताजनक घटना ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हुई। यह ईरान का एकमात्र परिचालित परमाणु संयंत्र है। शनिवार सुबह एक प्रक्षेप्य यहां लगा, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई और इमारत को नुकसान पहुंचा। यह बुशहर संयंत्र पर चौथा हमला था।


ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी कि अगर ये हमले जारी रहे और परमाणु रिसाव हुआ, तो इसका खामियाजा ईरान नहीं, बल्कि फारस की खाड़ी के देशों (GCC) को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “रेडियोधर्मी गिरावट तेहरान में नहीं, बल्कि खाड़ी देशों की राजधानियों में जीवन समाप्त कर देगी।” हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा कि अभी तक रेडिएशन के स्तर में कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है, लेकिन उन्होंने इस घटना पर गहरी चिंता जताई।

कुवैत में तेल परिसर में ड्रोन हमला


यह युद्ध अब ईरान के पड़ोसी देशों तक फैल गया है। कुवैत के शुवैख ऑयल सेक्टर कॉम्प्लेक्स में ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। यह एक बड़ा तेल परिसर है जहां कुवैत की पेट्रोलियम कंपनी का मुख्यालय भी स्थित है। घटना के बाद दमकल की गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। हालांकि, कुवैती समाचार एजेंसी KUNA के अनुसार, इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।


ईरान ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, ईरान ने ‘अराश-2’ ड्रोन का इस्तेमाल कर कुवैत और यूएई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान का आरोप है कि यूएई में एल्युमीनियम उद्योग का इस्तेमाल अमेरिका और इज़राइल सैन्य हार्डवेयर बनाने के लिए कर रहे हैं, इसलिए उन पर हमला किया गया।

हवाई युद्ध और जमीनी हालात


हवाई युद्ध में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ईरान का दावा है कि उसने अमेरिकी F-15 और A-10 विमानों को मार गिराया है। साथ ही, दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को भी ईरानी आदिवासी लड़ाकों ने निशाना बनाकर नीचे गिराया। एक अमेरिकी पायलट अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है।


दूसरी तरफ, इज़राइल ने ईरान के पेट्रोकेमिकल जोन पर हमले तेज कर दिए हैं। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट्स को निशाना बनाया है, जिसे वे ईरानी सरकार की ‘कैश मशीन’ करार देते हैं। इन हमलों में अब तक 5 लोगों की मौत और 170 से अधिक घायल होने की खबर है।


‘बिग सरप्राइज’ की चेतावनी

जैसे-जैसे ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम की समय सीमा (6 अप्रैल, 2026) करीब आ रही है, ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के लिए ‘बड़े आश्चर्य’ (Big Surprise) की चेतावनी दी है। ईरानी सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अगर उनके ऊपर दबाव बनाया गया तो वे ऐसा कदम उठाएंगे, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं है।


पूर्व IAEA प्रमुख मोहम्मद अलबरादेई ने ट्रंप के इस रवैये को ‘पागलपन’ बताते हुए संयुक्त राष्ट्र और खाड़ी देशों से इस युद्ध को रोकने की अपील की है।


स्थिति साफ है: मध्य पूर्व बारूद के ढेर पर बैठा है। ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है, और अमेरिकी सेना पूरी ताकत के साथ तैनात है। इस बीच कुवैत में आग ने यह साफ कर दिया है कि यह युद्ध अब सिर्फ ईरान की सीमाओं के अंदर ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में विनाश लेकर आएगा।



Disclaimer HindustanTak.co.in(सावधानी): यह लेख उपलब्ध समाचार एजेंसियों (WION, Xinhua, ANI, Reuters, AFP) की रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स पर आधारित है। युद्ध क्षेत्र से आ रही खबरों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से करना मुश्किल है, इसलिए पाठकों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक सूत्रों से जानकारी प्राप्त करते रहें।

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