प्रधानमंत्री मोदी ने केरल में किया बड़ा चुनावी दौरा, यूपी-बिहार के सियासी समीकरणों में भी उथल-पुथल

नई दिल्ली, 4 अप्रैल, 2026
देश में पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के बीच शनिवार को प्रचार का दौर अपने चरम पर पहुंच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज केरल के तिरुवनंतपुरम और तिरुवल्ला में बड़े जनसभाओं और रोड शो को संबोधित कर एनडीए के लिए जोरदार प्रचार किया। वहीं, अन्य राज्यों में भी सियासी पारा चढ़ा हुआ है, जबकि बिहार में उपराष्ट्रपति के दौरे ने नए सियासी समीकरणों को जन्म दे दिया है।
**पीएम मोदी का केरल दौरा: 'डबल इंजन' सरकार की वकालत**
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 अप्रैल को केरल में थे। यह उनका दूसरा दौरा था, जिसमें उन्होंने तिरुवल्ला में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया और तिरुवनंतपुरम में रोड शो किया। उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता राजीव चंद्रशेखर और वी मुरलीधरन भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में विकास के एजेंडे पर जोर देते हुए कहा कि केरल को 'डबल इंजन' सरकार की आवश्यकता है, ताकि राज्य का विकास तेज गति से हो सके। उन्होंने वर्तमान एलडीएफ और यूडीएफ सरकारों पर 'अवसरवादी' और 'परिवारवादी' होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "केरल की जनता विकास चाहती है, न कि इन पुराने दलों के झगड़े। एनडीए के उम्मीदवार विकास की नई इबारत लिखेंगे।" तिरुवल्ला में आयोजित इस जनसभा में लगभग 50,000 लोगों के जुटने की उम्मीद थी। रोड शो में पीएम के साथ एनडीए के उम्मीदवार भी शामिल हुए और उन्होंने कार्यकर्ताओं से संपर्क कर वोटों की अपील की। पीएम मोदी ने 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' अभियान के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं से भी संवाद किया और उन्हें हर बूथ पर जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।
**तमिलनाडु में उलटफेर: चेन्नई का रोड शो रद्द
🇮🇳 नरेंद्र मोदी 🇮🇳
चुनाव 2026 - विकसित भारत का संकल्प
तमिलनाडु के लिए भी आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहा। प्रधानमंत्री मोदी का चेन्नई के टी नगर में प्रस्तावित रोड शो अचानक रद्द कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, भाजपा में उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने में चल रहे भ्रम की वजह से यह निर्णय लिया गया। पार्टी सूत्रों ने बताया कि चेन्नई में राज्य-स्तरीय पदाधिकारियों के साथ होने वाली बैठक भी रद्द कर दी गई है। हालांकि, पीएम मोदी ने पुडुचेरी में 3 अप्रैल को एक भव्य रोड शो किया था, जिसमें उन्होंने एआईएनआरसी-भाजपा गठबंधन के लिए समर्थन मांगा था। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होना है और एनडीए गठबंधन सरकार बनाने की पूरी कोशिश में जुटा है।
**पश्चिम बंगाल: तृणमूल और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी**

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। टीएमसी ने शनिवार को कोलकाता के कालीघाट में एक विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई, जबकि मालदा में एक एआईएमआईएम कार्यकर्ता की गिरफ्तारी ने तनाव और बढ़ा दिया। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। उधर, चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर एक संयुक्त बीडीओ को निलंबित कर दिया है। बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कोलकाता में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि लोग निडर होकर वोट करें और टीएमसी को सत्ता से बाहर करें।
**असम: योगी आदित्यनाथ की हुंकार**
असम में चुनावी रण तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद पार्टी के सबसे लोकप्रिय स्टार प्रचारक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बारपेटा और बारछाला में दो विशाल जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने कांग्रेस और यूडीएफ पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि असम को 'नो कर्फ्यू, नो दंगा' वाले यूपी मॉडल की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "असम में डबल इंजन की सरकार बनानी होगी, तभी राज्य का विकास होगा और घुसपैठियों पर लगाम लगेगी।" वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर पाकिस्तानी मीडिया से जुड़े होने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे सियासी घमासान और गहरा गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी असम में चुनावी रैलियों को संबोधित किया और आदिवासियों के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से छूट का आश्वासन दिया।
पुडुचेरी में एनडीए की ताकत
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव से पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी का भव्य रोड शो हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में समर्थक जुटे। प्रधानमंत्री ने फूलों की बारिश और 'मोदी-मोदी' के नारों के बीच अजंता सिग्नल प्वाइंट से अन्ना स्क्वायर तक रोड शो किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री एन रंगासामी और भाजपा नेता ए नमस्सिवायम भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने कहा कि पुडुचेरी के लोगों ने एनडीए गठबंधन को फिर से चुनने का मन बना लिया है। उन्होंने 'बेस्ट पुडुचेरी' (व्यापार, शिक्षा, आध्यात्मिकता, पर्यटन) के विकास विजन को दोहराया।
**बिहार में उपराष्ट्रपति का दौरा, नए समीकरणों की अटकलें**
राजनीति के केंद्र में चुनावी राज्यों के अलावा, बिहार में भी एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 4 अप्रैल को बिहार के दौरे पर हैं। उन्होंने मोतिहारी के महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बिहार में भाजपा अपने चेहरे को लेकर एक बड़ी रणनीति बना रही है। विशेष रूप से, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, उपराष्ट्रपति का यह दौरा राज्य में एनडीए के भविष्य के समीकरणों को लेकर अटकलों को हवा दे रहा है। सूत्रों का मानना है कि भाजपा बिहार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता बढ़ा रही है।
**निष्कर्ष: चुनावी शंखनाद जारी**
4 अप्रैल 2026 का दिन भारतीय राजनीति के लिए बेहद अहम रहा। प्रधानमंत्री मोदी केरल में चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तो वहीं उपराष्ट्रपति बिहार में राजनीतिक संकेत दे रहे थे। पश्चिम बंगाल में तृणमूल-भाजपा के बीच जंग जारी थी, तो असम में योगी आदित्यनाथ का तूफान देखने को मिला। पुडुचेरी में एनडीए ने अपनी ताकत दिखाई, जबकि तमिलनाडु में भाजपा की उम्मीदवारी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। अब आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार और तेज होगा और 9 अप्रैल से शुरू हो रहे मतदान के साथ ही सबकी निगाहें 4 मई के नतीजों पर टिकी होंगी।