इसराइल-ईरान युद्ध: पाकिस्तानी सेना प्रमुख मुनिर के नेतृत्व में शांति वार्ता के लिए ईरान पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
तेहरान/इस्लामाबाद, 15 अप्रैल 2026: इसराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध को रोकने और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए एक उच्च स्तरीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल बुधवार को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचा। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनिर के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल में गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी शामिल हैं। यह यात्रा अमेरिका और ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की वार्ता से पहले पाकिस्तान की ओर से की गई एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल है।
कूटनीतिक पृष्ठभूमि: 39 दिनों के युद्ध के बाद संघर्ष विराम
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त हवाई अभियान शुरू किया था, जिसके बाद ईरान ने ड्रोन और मिसाइलों से जवाबी कार्रवाई की थी। करीब 39 दिनों तक चले इस युद्ध के बाद, पाकिस्तान ने 8 अप्रैल को दो सप्ताह के संघर्ष विराम को सफलतापूर्वक सुनिश्चित कराया था। इसी कड़ी में, पिछले सप्ताहांत इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष वार्ता हुई थी, जो करीब 21 घंटे तक चली, लेकिन यह बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई थी।
प्रतिनिधिमंडल के उद्देश्य: अमेरिका का 'नया संदेश' और आगामी योजना
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान हवाई अड्डे पर पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। ईरान के राज्य-संचालित मीडिया के अनुसार, यह पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल अपने साथ वाशिंगटन का "नया संदेश" लेकर आया है। सूत्रों के मुताबिक, फील्ड मार्शल मुनिर के नेतृत्व वाला यह प्रतिनिधिमंडल "दूसरे दौर की वार्ता की योजना" पर चर्चा करेगा, जिसकी मेजबानी आने वाले दिनों में फिर से इस्लामाबाद द्वारा किए जाने की संभावना है।
Israel-Iran war LIVE: Pakistani delegation, led by Army chief Munir, reaches Iran for peace talks
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने एक बयान में पुष्टि की कि यह यात्रा "चल रहे मध्यस्थता प्रयासों" का हिस्सा है। इस प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय, सुरक्षा संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जो इस कूटनीतिक जुड़ाव की बहुआयामी प्रकृति को दर्शाता है।
युद्धविराम और मुख्य मुद्दे: परमाणु कार्यक्रम से लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य तक
हालांकि युद्धविराम लागू है, लेकिन यह बेहद नाजुक स्थिति में है और 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। वार्ता में प्रमुख बाधाओं में ईरान का परमाणु संवर्धन कार्यक्रम और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के पास "परमाणु हथियार न हों, यह 99 प्रतिशत प्राथमिकता है"।
एक और गतिरोध इस बात को लेकर है कि क्या यह संघर्ष विराम लेबनान में इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे युद्ध पर भी लागू होता है। जहां तेहरान और इस्लामाबाद का कहना है कि यह समझौता लेबनान पर भी लागू होता है, वहीं तेल अवीव और वाशिंगटन इससे इनकार करते हैं।
समानांतर कूटनीति: शरीफ का सऊदी अरब दौरा
इस महत्वपूर्ण यात्रा के समानांतर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चार दिवसीय दौरे पर सऊदी अरब पहुंचे हैं। वे क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ "क्षेत्रीय स्थिति" पर चर्चा करेंगे। इसके बाद वे कतर और तुर्की का भी दौरा करेंगे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान इस मामले में पूरे क्षेत्र को साथ लेकर चल रहा है।
